किरचॉफ के धारा का नियम

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किसी नोड या जंक्सन की तरफ जाने वाली धाराओं का योग उस नोड से दूर जाने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है; अर्थात्,
i1 + i4 = i2 + i3]]

इस नियम को 'किरचॉफ का संधि नियम', 'किरचॉफ का बिन्दु नियम', 'किरचॉफ का जंक्सन का नियम' और किरचॉफ का प्रथम नियम भी कहते हैं।

n किसी नोड से जुड़ी धारा-शाखाओं की कुल संख्या है।

यह नियम समिश्र धाराओं के लिये भी सत्य है।

यह नियम आवेश के संरक्षण के नियम पर आधारित है।

यह भी देखें[सम्पादन | स्रोत सम्पादित करें]